सुधा मिश्र ।
विश्वभरि आजु बुद्ध जयन्ती मनारहल अछि।कोरोना महामारीके डर आ त्राससँ विश्व  आजु लकडाउनमे छै।

लकडाउनके नियम पालन करैत आदमी घरमे रहिक इ महान दिनके सम्झना करहल अछि।वैशाख पुर्णिामा बुद्ध जयन्ती घरमे मनारहल अछि।सरकार आजुक शुभ दिनमे साँझमे बत्ती जराबलेल देशबासी सँ अपील केने छथि ।बुद्ध जयन्तीमे भगवान बुद्धके नमन करैतर्साँझमे बत्ती जराक क‍ोरोना वायरस उपर विजय प्राप्त करलेल आग्रह केने छथि।भगवान बुद्धके जन्म नाम सिद्धार्थ छलनि। सिद्धार्थके पिता शुद्धोदन कपिलवस्तुके राजा छलखिन।हुनकर सम्मान नेपाल आ पुरा भारतमे छलनि।मायके नाम माया देवी छलनि। सिद्धार्थके  मौसी गौतमी हुनकर लालन-पालन केलकनि  कियाकि सिद्धार्थके जन्मकेसाते दिनबाद हुनकर मायके  देहांत भगेल रहनि।
वैशाख पूर्णिमाके दिन भगवान बुद्धके  जन्म नेपालके लुम्बिनीमे भेल छलनि। वैशाख पुर्णिामेके दिन   बोधगयामे एकटा पिपरके वृक्षके  निचा  भगवान बुद्धके  सत्यके प्राप्ति भेल रहनि।जकरा बोधी वृक्ष कहिक  चिनल जाइत अछि। ।अोही दिन  80 वर्षके उमेरमे दुनियासँ कुशीनगरमे  देह त्याग केलनि।वैशाख पुर्णिामेके दिन जन्म , सत्य प्राप्ति आ देह त्याग गौतम बुद्ध केने छलनि।ई एक विशेष संयोग मात्रे छल।
भगवान बुद्धके परमेश्वरके एकटा अवतारके रुपमे चिनल जाति छ‌।।ओ अपन दिव्य उपदेशसँ विश्वके  हिंसासँ जोगाब चाहलनि।अपन दिव्य उपदेशसँ विश्वमे शान्तिके शंखघोस केलनि।आजु विश्वमे हुनकर अनुयायी छनि ।बुद्ध धर्मावलम्बी नइभेल आजु कुनो देश नहि अछि ।अो मुर्ति पुजाके विरोधी छलथि।लेकिन अफसोस आजु विश्वमे सबसँ बेसी प्रतिमा बुद्ध के छनि।

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