सुधा मिश्र ।पैसा एक व्यक्तिसँ दोसर व्यक्तिमे आदानप्रदान होइत रहैत छै।किछु किनबेसाहके बेगरता सभके रहैत छै। ग्राहक सँ दोकानदार आ दोकानदार सँ दोसर ग्राहक हाथ पैसा चलायमान रहैत छै। एक व्यक्ति के हाथ सँ दोसर व्यक्ति के हाथमे पहुँचैत...
सुधा मिश्र ।विश्व कोरोना महामारी सनके संकट सँ गुजैर रहल छ‌।चारु दिस सबतर्फ क‍ोरोना  वायरसके डर त्रास सँ लोक कअक जीयब मुश्किल भगेल छै। घरमे रहु सुरक्षित रहु इयाह कोरोना सँ बचके अचुक दबाई छै। ताय देशमे लकडाउन कायलगेल छै।लेकिन...
सुधा मिश्र ।विश्व भरी कोरोना महामारीके चल्ते दुनियाँ तबाह छै। सबके भित्तर डर आ त्रास छै। काल्हि जाहि देश सभके अपन परमाणुपर गुमान छलै ओहोसभ आई एक सुक्ष्म विषाणु लग विवश छै लाचार छै। अहि मुदैया कोरोनाके कुनो दबाइयो...
सुधा मिश्र ।वैशाख सकराइतके परात मिथिला - मधेसमे जुडशितल मनायल जाति छै। नव वर्ष तथा सतुवानि पावनि मनेलाक उपरान्त दोसरदिन मिथिला - मधेसमे पावनि जुडशितल मनबाक परम्परा रहियाल छै। अहिदिन घरक बुजुर्ग बासि पानि सँ घरपरिवार अा समाजक अपना...
सुधा मिश्र । घरेमे मनाबी नव वर्ष - सतुवाइन सँग नव अंदाज विक्रम संवतके पहिल महिना वैशाखके मानल जाति छै।वैशाख संक्रान्तिके नव वर्षके रुपमे मनायल जाति छै। अहि दिनके मिथिला - मधेसमे सतुवानि पावनिके रुपमे सेहो मनायल जाति छै।...
सुधा मिश्र । कोरोना वायरस covid-19 रोकथाम तथा नियन्त्रणके लेल घोषणा केल लकडाउन अवधि  अाउर दु सप्ताह लम्बा जायत से संकेत देखारहल छै।भारतमे कोरोना महामारीके रुप धलेने अवस्थामे नेपालमे दु सप्ताह सँ जारी लकडाउन वैशाख मध्य तकि जायके अवस्था छै।कोरोना...
सुधा मिश्र ।समय सभके लेल एकेरंग छै। चौबिसो घण्टा एक सेकेन्ड नहि बेसी एक सेकेन्ड नहि कम।बात ई विशेष छै ज‌े के अकरा बेसी सँ बेसी सदुपयोग कसकै छै? अाई करोनाके राज छै तँ काल्हि नई छलै त‌ैयो समयके...
सुधा मिश्र । विश्वमे त्राहिमाम मचौने अछि कोरोना वायरस। विज्ञान पूरा जोरतोरके साथ लागल अछि अकर समाधानमे। पत्ता नई विधिके कि मंजुर छन्हि ? चैती छठि सन पावनि घरमे मनायल गेल। आशा करी जे नव साल जुड शितलमे अपन श्रेष्ठ...
सुधा मिश्र । अहिले विश्व कोरोना वायरसको महामारीले ग्रसित भएको छ।यो महामारीले हजारौंको ज्यान लिसकेको छ भने लाखौंको संख्यामा मानिस संक्रमित छन् । विज्ञान पनि समाधान खोज्नमा सफल हुन सकेको छैन । यस महामारीबाट जोगिन घरमा बसौ। बाहिर सकभर ...
सुधा मिश्र । आज लकडाउनको एघारौ दिन । जनतामा डर र त्रास । जीवनयापन कष्टकर । कोरोना भायरस विश्वव्यापी टुरमा जो निस्केको छ।कसैलाई थाहा छैन यिनीहरूको टुर कहिले सकिएला र यिनीहरु आफ्नो घर फर्केलारु कहिले यो संकटकालिन स्थितिको अन्त...

भरखरै प्राप्त

धेरैले पढेको